Skip to main content

कौन सा खेल खेलने के लिए बांट रहे हो कंडोम?

नई दिल्ली. यूपीए सरकार में पूर्व मंत्री रहे मणिशंकर अय्यर दिल्ली में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों से खासे नाराज दिख रहे हैं। अय्यर ने सवाल किया है कि कॉमनवेल्थ खेलों में ऐसा कौन सा खेल खेला जाएगा जो खेल पंडालों में 150 कंडोम वेंडिंग मशीने लगाई गई हैं।




अय्यर ने सवाल किया कि हमारी सरकार की प्राथमिकता क्या है उच्च स्तर के खेल कराना या अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराना। गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स के मद्देनजर खेल पंडालों में बड़ी संख्या में कंडोम बांटने वाली मशीने लगाई जा रही हैं।



अय्यर ने सवाल किया की खेलों को इस तरह बढ़ा चढ़ा कर पेश करना गलत है। देश की जनसंख्या में युवाओं का एक बड़ा हिस्सा होने के बाद भी हम एक खेल राष्ट्र नहीं बन सके हैं। आज हम कॉमनवेल्थ खेलों के नाम पर 35 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं लेकिन यदि यह रकम युवाओं को प्रशिक्षण देने पर खर्च की जाती तो हम बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे।



अय्यर ने यह तक कहा कि वो देश में हो रही अच्छी बारिश से बहुत खुश हैं। एक तो इससे खेतों में अच्छी फसल पैदा होगी दूसरे ये कॉमनवेल्थ खेलों का बेड़ा गर्क कर देगी। यदि कॉमनवेल्थ खेल कामयाब हुए तो सरकार देश में अन्य खेल स्पर्धाएं आयोजित कराएगी और देश का पैसा इनमें खर्च होगा
 
http://www.bhaskar.com/

Comments

  1. पूरी तरह सहमत हूँ मणिशंकर जी से.. यही टिप्पणी एक जगह की थी अभी शाम को ही मैंने भी भाई.. :)

    ReplyDelete

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...