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श्रीखंड यात्रा

 हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के आनी उपमंडल में 18 हज़ार की ऊंचाई पर स्थित है श्रीखंड महादेव ! श्रीखंड की यात्रा की प्रतीक्षा हर वर्ष की तरह इस बार 16 जुलाई से आरम्भ हो रही है ! यह यात्रा 24 जुलाई तक चलेगी ! पिछले 15 वर्षो से इस यात्रा का सचालन श्री खंड सेवा दल द्वारा किया जा रहा है ! यात्रा जुलाई और अगस्त माह में ही होती है क्योंकि शेष दिनों यहाँ बर्फ पड़ी रहती है ! यात्री शिमला से रामपुर होते हुए यात्रा आरम्भ करते है ! शिमला से रामपुर 130 और रामपुर से बागीपुल 35 किलोमीटर है ! बागीपुल से जांव तक सात किलोमीटर तक वाहन का प्रयोग किया जाता है ! जावं से आगे पैदल यात्रा करनी पड़ती है ! यात्रा के तीन पड़ाव सिंहगाड, थाच्डू और भीमडवार की है जांव से आगे की यात्रा पैदल होती है ! जांव से सिंहगाड 3 किलोमीटर है ! सिंहगाड से 8 किलोमीटर और थाचरू तथा भीमडवार 9 किलोमीटर है ! यात्रा के तीनो पड़ाव में श्रीखंड सेवा दल की तरफ से यात्रियों के लिए दिन रात का लंगर चलाया जाता है ! भीमडवार से श्रीखंड की दुरी मात्र 7 किलोमीटर है ! जांव से श्रीखंड के लिए 18 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा है ! जिसे यात्री हर हर महादेव के नारों और भजनों के साथ पूरा करते हैयात्रा के दोरान यात्री कई दर्शनीय स्थलों का दर्शन भी कतरे है जिनमें प्रमुख है प्राकृतिक शिव गुफा देव ढांक , पोराणिक परसु राम मंदिर , दक्षिणेश्वर महादेव व् अम्बिका माता मंदिर निरमंड , संकट मोचन हनुमान मंदिर आरसु, गौर मंदिर जांव, सिंह गाड , ब्राहती नाला , थाचरू जोगनी जोत्काली घाटी, ढँक द्वार , बकासुर वध, कुन्षा , अनेक स्थल है !
यात्रा के दौरान अद्भुत और दुर्लभ जडी बूटियों के दर्शन भी करते हैं ! रास्ता कठिन और संकरा है अक्सर यात्री रास्ता भी भूल जाते है ! यात्रिओं को ग्राम कम्बल टॉर्च लाठी और ग्राम जुराबों सहित टिकाऊ जूतों को लेन की सलाह दी जाती है और अस्वस्थ लोगो को इस यात्रा को नहीं करने दिया जाता क्योंकि रास्ता बेहद ही कठिन है !
बेशक पिछले 15 वर्षों से सेवा दल यात्रा आयोजित कर रहा है परन्तु श्रीखंड महादेव की कैलाश यात्रा अभी तक पर्यटन के मानचित्र पर नहीं आई है !

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