Skip to main content

कडूयी मुहब्बत क्या है..

आया था यहाँ जीने॥
अब लुट के जा रहा हूँ॥
कडुई मुहब्बत क्या है॥
तुमको बता रहा हूँ॥
चंचल स्वभाव मेरा॥
सब का दुलारा था॥
दादा दादी का पोता॥
मम्मी पापा को प्यारा था॥
कैसे चढ़ी जवानी ॥
उसको बता रहा हूँ॥
आया था यहाँ जीने॥
अब लुट के जा रहा हूँ॥

चढ़ते जवानी मुझको॥
एक पारी मिल गयी॥
अपना भविष्य सवारने ॥
की कड़ी खुल गयी॥
कैसे हुआ था लट्टू ॥
तुमको बता रहा हूँ॥
आया था यहाँ जीने॥
अब लुट के जा रहा हूँ॥
सीचा था मेरे तन को॥
अब मुरझा रहा हूँ॥
उसने मुझे हंसाया॥
अब आंसू गिरा रहा हूँ॥
आया था यहाँ जीने॥
अब लुट के जा रहा हूँ॥
मैंने भी कदम पे चढ़ के॥
बंसी बजाया था॥
उसके ही दिल में अपनी॥
प्रीति जगाया था॥
वह मुझसे बिछड़ गयी।
जो बीती गा रहा हूँ॥
आया था फ़ोन एकदिन॥
वह माँ बन गयी॥
मुझसे बिछड़ के ॥
किसी दूजे को मिल गयी॥
वह कैसी थी तुम बताओ॥
मै तुम्हे बता रहा हूँ॥

Comments

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...