Skip to main content

इन्साफ के नाम पर किया गया धोखा

भोपाल गैस त्रासदी में मारे गए 25000 हज़ार लोगों और उनके इन्साफ के लिए तड़पती लाखों नज़रों को जिस तरह से  इन्साफ के तराजू में तोलकर ठगा गया वो हम सब के लिए हैरत के साथ साथ कानून पर शक करने की बजह छोड़ने वाली बात है.

हत्या,बलात्कार आतंक की सजा जब फांसी हो सकती है तो 25000 लोगों के शरीर ही नहीं बल्कि उनकी आत्माओं के साथ किये गए बलात्कार की सजा 2 साल कैसे हो सकती है?,

यह एक  ऐसा अपराध था जिसने उनकी आने वाली नस्लों को भी अपंगता की भट्टी में तपने के लिए छोड़ दिया है,इस तरह के इन्साफ से उन लोगों के जी को जरा सी भी ठंडक नहीं पहुच सकती,यह संबिधान एवं कानून से विश्वास उठाने के लिए काफी है .

हिंदुस्तान का दर्द इस इन्साफ के नाम पर किये गए धोखे  का विरोध करता है और गैस त्रासदी में शहीद नागरिकों को नमन करता है.  

Comments

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

जूजू के पीछे के रियल चेहरे

हिन्दुस्तान का दर्द आज आपको बताने जा रहा है उन कलाकारों के बारे में जिनके काम की बदोलत ''जूजू'' ने सभी के दिलों मे जगह बना ली है..तो जानिए इन कलाकारों के बारे में और आपको यह जानकारी कैसी लगी अपनी राय से अबगत जरुर कराएँ बहुत ही क्यूट, अलग, और मज़ेदार से दिखने वाले जूजू असल में इंसान ही हैं, बस उनको जूजू के कॉस्टयूम पहना दिए गए है। पर ये करना इतना आसान नहीं था, जिस तरह का कॉस्टयूम और एक्ट शूट किए जाने थे उनमे हर मुमकिन कला और रचनात्मकता का प्रयोग किया जाना था। जूजू के पीछे के असल कलाकार कौन है आइये जानते हैं - प्रार्थना सुनिए विज्ञापन- इस विज्ञापन दो जूजू एक पेड़ से लटके दिखाए गए हैं और नीचे एक खाई है। उनमे से एक गिर जाता है और दूसरा अपना फोन निकलकर एक प्रार्थना सुनाता है जिस से की उस के दोस्त की आत्मा को शांति मिल सके। इस विज्ञापन में हैं ये दो कलाकार- रोमिंग विज्ञापन- इस में एक जूजू अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए फ़ोन पर उससे बातें करता रहता है चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में हो। इस विज्ञापन में सबसे बड़ी चुनौती थी एफ्फिल टावर और पिरा...