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लो क सं घ र्ष !: ब्लॉग उत्सव 2010

सम्मानीय चिट्ठाकार बन्धुओं,

सादर प्रणाम,

आज दिनांक 31.05.2010 को परिकल्पना ब्लोगोत्सव-2010 के अंतर्गत बीसवें दिन के कार्यक्रम का लिंक -

ब्लोगोत्सव की आखिरी परिचर्चा : क्या आत्मा अमर है ?

http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_31.html

ुमन सिन्हा की कविता : तुम्हारे नामhttp://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_4302.html

मैं पुनर्जन्म नही मानता : कर्नल अजय कुमार http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_607.html

बसंत आर्य की लघुकथा : खिडकियाँ

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_31.html

कई उदहारण भी हैं....जिससे यह प्रमाणित होता हैं कि पुनर्जन्म है : नवीन कुमार

http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_4928.html

दिविक रमेश की दो

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_943.html

मेरे विचार से पुनर्जन्म होता है : वंदना श्रीवास्तव http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_7060.html

रजिया मिर्ज़ा का संस्मरण : सलाम एक ग़रीब की महानता को

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6910.html

हाँ कुछ है जिसे हम पुनर्जन्म कह सकते है...क्या आप मानते है??" : नीता

http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_9978.html

मंजू गुप्ता की कविताएँ

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_1803.html

मेरे लिए मेरा अनोखा बंधन ही पुनर्जन्म है ... प्रीती मेहता http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3367.html

कारगिल के शहीदों को नमन :पवन चन्दन की कविता

http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3928.html


utsav.parikalpnaa.com

अंतरजाल पर परिकल्पना के श्री रविन्द्र प्रभात द्वारा आयोजित ब्लॉग उत्सव 2010 लिंक आप लोगों की सेवा में प्रेषित हैं।

-सुमन
loksangharsha.blogspot.com

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केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

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हिन्दुस्तान का दर्द आज आपको बताने जा रहा है उन कलाकारों के बारे में जिनके काम की बदोलत ''जूजू'' ने सभी के दिलों मे जगह बना ली है..तो जानिए इन कलाकारों के बारे में और आपको यह जानकारी कैसी लगी अपनी राय से अबगत जरुर कराएँ बहुत ही क्यूट, अलग, और मज़ेदार से दिखने वाले जूजू असल में इंसान ही हैं, बस उनको जूजू के कॉस्टयूम पहना दिए गए है। पर ये करना इतना आसान नहीं था, जिस तरह का कॉस्टयूम और एक्ट शूट किए जाने थे उनमे हर मुमकिन कला और रचनात्मकता का प्रयोग किया जाना था। जूजू के पीछे के असल कलाकार कौन है आइये जानते हैं - प्रार्थना सुनिए विज्ञापन- इस विज्ञापन दो जूजू एक पेड़ से लटके दिखाए गए हैं और नीचे एक खाई है। उनमे से एक गिर जाता है और दूसरा अपना फोन निकलकर एक प्रार्थना सुनाता है जिस से की उस के दोस्त की आत्मा को शांति मिल सके। इस विज्ञापन में हैं ये दो कलाकार- रोमिंग विज्ञापन- इस में एक जूजू अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए फ़ोन पर उससे बातें करता रहता है चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में हो। इस विज्ञापन में सबसे बड़ी चुनौती थी एफ्फिल टावर और पिरा...