Skip to main content

'दीप '


रातो को सोते से जागी थी
जैसे में अकेली वैसे आसमा पे वो चाँद अकेला सा
ताकता मेरी ओर सा ..निहिर सा
कि कोई ऐसी ही तन्हायियो में दे साथ उसका
गौर से देखा तो ......
चाँद को खुद से बाते करते हुए पाया
वो बोला ...'किस कि यादो का आज तेरे आस पास ये रेला '
मै क्या कहती ?
चुप हो गयी ....लिए आँखों में नीर की धारा..
मै चाँद से बोली ....
'देख लौट आया मेरा प्रीत मुझे देख अकेला '
प्यार का समंदर
विश्वास का प्रतीक है वो
दे का मुझे सुख की अनुभूति
खुद को किया अश्रुओ के हवाले
मुस्कान सौगात बन के मेरे लबो पे रहे
खुदा से दुआ कर वो फिर
मेरे सुने जीवन में बन कर आया आशा की किरण
बीती स्मृतियों के 'दीप ' जला गया वो ....
(..कृति ...अंजु...(अनु )...)

Comments

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

जूजू के पीछे के रियल चेहरे

हिन्दुस्तान का दर्द आज आपको बताने जा रहा है उन कलाकारों के बारे में जिनके काम की बदोलत ''जूजू'' ने सभी के दिलों मे जगह बना ली है..तो जानिए इन कलाकारों के बारे में और आपको यह जानकारी कैसी लगी अपनी राय से अबगत जरुर कराएँ बहुत ही क्यूट, अलग, और मज़ेदार से दिखने वाले जूजू असल में इंसान ही हैं, बस उनको जूजू के कॉस्टयूम पहना दिए गए है। पर ये करना इतना आसान नहीं था, जिस तरह का कॉस्टयूम और एक्ट शूट किए जाने थे उनमे हर मुमकिन कला और रचनात्मकता का प्रयोग किया जाना था। जूजू के पीछे के असल कलाकार कौन है आइये जानते हैं - प्रार्थना सुनिए विज्ञापन- इस विज्ञापन दो जूजू एक पेड़ से लटके दिखाए गए हैं और नीचे एक खाई है। उनमे से एक गिर जाता है और दूसरा अपना फोन निकलकर एक प्रार्थना सुनाता है जिस से की उस के दोस्त की आत्मा को शांति मिल सके। इस विज्ञापन में हैं ये दो कलाकार- रोमिंग विज्ञापन- इस में एक जूजू अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए फ़ोन पर उससे बातें करता रहता है चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में हो। इस विज्ञापन में सबसे बड़ी चुनौती थी एफ्फिल टावर और पिरा...