Skip to main content

तेवरी: नफरत की भट्टी --संजीव 'सलिल'

तेवरी

संजीव 'सलिल'

नफरत की भट्टी में सुलग रहा देश.
कलियाँ नुचवाता दे माली आदेश..

सेना में नेता-सुत एक भी नहीं.
पढिये, क्या छिपा हुआ इसमें संदेश?.

लोकतंत्र पर हावी लोभतंत्र है.
लेन-देन में आती शर्म नहीं लेश..

द्रौपदी-दुशासन ने मिला लिये हाथ.
धर्मराज के खींचें दोनों मिल केश.

'मावस अनमोल हुई, पूनम बेदाम..
निशा उषा संध्या को ठगता राकेश..

हूटर मदमस्त, पस्त श्रमिक हैं हताश.
खरा त्याज्य, है वरेण्य खोता परिवेश..

पूज रहा सत्य को असत्य आचरण.
नर ने नारायण को 'सलिल' दिया क्लेश..

*******************

Comments

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...