Skip to main content

ब्लॉगिंग पर किताब...ब्योरा चाहिए

सभी ब्लॉगर बंधु


नए साल पर नई सूचना...

हिंदी ब्लॉगिंग पर एक महत्वपूर्ण किताब का प्रकाशन हो रहा है. मार्च तक किताब प्रकाशित होने की पूरी संभावना है. 
पुस्तक में शामिल करने के लिए कृपया ये जानकारी मुहैया कराएं. ब्योरा कृपया मेरे ई-मेल chandiduttshukla@gmail.com पर भेजें.

अपना विवरण / परिचय
फ़ोटो
मूल व्यवसाय
ब्लॉगिंग में चुनौती, 
टिप्पणीकारों का महत्व
आपकी नज़र में टॉप-10 ब्लॉग
आपके ब्लॉग का विषय और लिंक...
कहां से मिली प्रेरणा
नए ब्लॉगर्स को आपका संदेश


(इसके साथ कोई शुल्क नहीं है)

महत्वपूर्ण
1. कृपया ई-मेल की सब्जेक्ट लाइन में ज़रूर लिखें....blog-book : (your name)
जैसे- blog-book : chandiduttshukla

2. विवरण यूनिकोड में भेजें और इसके लिए तीन दिन का समय ही लें. पुस्तक में कुछ इनपुट जोड़ना बाकी रह गया है और किताब इसी माह के अंत में प्रोडक्शन के लिए चली जाएगी.

-- एक अनुरोध और है.
मेरे पास जितने ब्लॉगर्स का मेल आईडी है, मैं उन्हें तो सूचना भेज ही रहा हूं. यदि आपके परिचय सूत्र में कोई अन्य साथी हैं, तो उन्हें भी कृपया ये ई-मेल फारवर्ड कर दें.


धन्यवाद,


चण्डीदत्त शुक्ल
टेलिविजन पत्रकार
नोएडा

मेरा मोबाइल नंबर है 09873779183.

Comments

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...