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लो क सं घ र्ष !: कैसे मिले गरीब को रोटी

नव वर्ष के शुभारम्भ पर आज यह सोचने की आवश्यकता है कि लाखो-करोडो गरीब व्यक्तियों को रोटी कैसे मिले ? केंद्र सरकार द्वारा सस्ते दामों पर खाद्यान सार्वजानिक वितरण प्रणाली के तहत उपलब्ध कराया जाता है खाद्यान्न सरकारी एजेंसी से उठने के बाद सीधे सार्वजानिक वितरण प्रणाली की दुकान पर बिक्री हेतु जाना चाहिए लेकिन वस्तुस्तिथि यह है कि आपूर्ति विभाग के अधिकारियों, विपणन वाली सरकारी एजेंसी, पुलिस, प्रशासनिक अफसर, व्यापारी जिसमें फ्लोर मिल्स राईस मिल्स के मालिकों का एक गठजोड़ बन गया है जिसके कारण विपणन एजेंसी से गेंहू या चावल फ्लोर मिल या राईस मिल को वापस हो जाता है और वह महंगे दामो पर बाजार में बिकने के लिए जाता हैआम आदमी को सरकार द्वारा प्रदत्त सस्ते खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो पाते हैं . गाँवों शहरों में बहुत सारे परिवार भूखे पेट सो जाते हैं इस गठजोड़ के लोग लाखो और करोडो रुपये कमा रहे हैंइस गठजोड़ ने स्थानीय स्तर पर पत्रकारों को भी मिला रखा होता है ताकि पब्लिसिटी होने पाएआज नव वर्ष के शुभारम्भ पर हम आप से आशा करते हैं कि कोई ऐसा कदम उठाया जाए की जिससे यह गठजोड़ टूटे और आर्थिक अपराधी जिनकी जगह कारागार होनी चाहिए वहां पहुंचेवैसे आर्थिक अपराधियों ने देश में समान्तर अर्थव्यवस्था कायम कर रखी है जिससे लाखो करोडो व्यक्तियों के मुंह का निवाला भी यह लोग छीन कर स्वयं खा ले रहे हैंनए वर्ष यह संकल्प होना चाहिए कि आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करवाने में मेली मदद्गार बने अन्यथा नया वर्ष आया, समाप्त हुआ -यह प्रक्रिया चलती रहेगी

सुमन
loksangharsha.blogspot.com

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केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

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समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...