Skip to main content

लो क सं घ र्ष !: जब भटक गया पथ प्रदर्शक ही.....

जन जीवन की वहां सुरक्षा , मात्र कल्पना,
भक्षक बन गया जहाँ रक्षक ही
कहाँ मिले गंतव्य पथिक को
जब भटक गया पथ प्रदर्शक ही
कैसे हरा भरा उपवन हो कैसे कलि-कलि मुस्काए
कैसे कोयल मधुरस घोले कैसे कहो वसंत ऋतू आए

आग लगा दे जब उपवन का संरक्षक ही
जब भटक गया पथ प्रदर्शक ही

अधरों पर मुस्कान हो कैसे , कैसे मिटे दुराशा मन की
कैसे सुख और शान्ति आए , कष्ट मिटे कैसे जन-जन की

हत्यारा बन गया जहाँ पर आरक्षक ही
जब भटक गया पथ प्रदर्शक ही

हिंसा जहाँ पूज्य हो ,कैसे मानवता को प्राण मिले
जीवन के इस महाशिविर से बोलो कैसे त्राण मिले

अन्धकार का ग्रास बन गया जब दीपक ही
जब भटक गया पथ प्रदर्शक ही

कैसे फिर किलकारी गूंजे, मुरझाया चेहरा मुस्काये
भूख- प्यास- भय की तड़पन से मानव कैसे मुक्ति पाये

राज धर्म को भूल गया जब जन नायक ही
जब भटक गया पथ प्रदर्शक ही

मानवता का गला घोटकर लोकतंत्र की बलि चढाते
धर्म के ठेकेदार- अहिंसा के शिक्षक ही

कैसे बचे अस्मिता बोलो , कैसे जीवन ही सुरक्षित
जहाँ लुटेरे साधू वेश में धरती पर फिरते हो हुलाषित

बटमार बन गया भू का चिन्तक
जब भटक गया पथ प्रदर्शक ही

पग-पग पर जब जाल बिछे हो बाधिकों ने डेरे डालें हों
भेड़े वहां सुरक्षित कितनी जहाँ भेडिये रखवाले हों

कैसे पहुंचे पार डुबो दे जब खेवक ही
जब भटक गया पथ प्रदर्शक ही

-मोहम्मद जमील शास्त्री

Comments

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...