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आज का सवाल


आज का सवाल :- क्या हम आजादी का पर्व परंपरा में मानते है, पवित्र मन से ? "मानवता का हो गया अस्त, फिर भी १५ अगस्त " आपके विचार आमंत्रित है
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Comments

  1. मानवता का कभी अंत नहीं होगा! इंसानी फितरत जो आज है,वो सदियों पहले भी थी...! गर achhe इंसान हैं, तो साथ बुरे भी मिलेंगे!ये तो क़ुदरत का नियम है!

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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