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राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद ने जयपुर में सममानित किया देश के ५ प्रमुख साहित्य मनीषियों को ..

सम्मानित किये गये वतन को नमन के रचियता वरिष्ठ कवि प्रो.सी.बी.श्रीवास्तव "विदग्ध" जबलपुर ,मण्डला से
सूतपुत्र खण्ड काव्य के रचियता श्री दयाराम गुप्त "पथिक" ब्यौहारी शहडोल से
मधुआला के कवि श्री वत्स आगरा से
पं. श्रीराम शर्मा जी के साहित्य पर शोध कार्य की प्रणेता सुश्री कविता रायजादा आगरा से
चाणक्य नीति के पद्यानुवादक श्री गौतम अहमदाबाद से
इस अवसर पर साहित्यकार मणडली ने जयपुर भ्रमण भी किया ..प्रस्तुत हैं चित्रो की भाषा में ...आयोजन..





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हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...