Skip to main content

बाल सखा..

बाल सखा क्यो भूल गए तुम ॥
हमें और बचपन का खेल॥
साथ हमेसा मेरे रहते थे॥
था दोनों का अनोखा मेल॥
खेल कूद करते रहते थे॥
होती रहती चुल बुल बातें॥
मिल बात कर खाते थे।
बात बिताती थी राते॥
किस्मत ने ऐसा करवट बदला॥
जो चले गए तुम कुछ दूर॥
तुमसे मिलाने तेरे घर पहुचा॥
बोले तुम्हे भूल गए हुजुर॥
बीते बातें ताजा करने को॥
मैंने छेदी पुराणी यादे॥
अधिक समय अभी नही है॥
फ़िर करना कभी मुलाकाते॥
आशा की ठठरी खुल गई॥
मई ममता दियुआ वही उडेर॥
बाल सखा क्यो भूल गए तुम ॥
हमें और बचपन का खेल॥

Comments

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...