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गलत फोटो छपने पर हम दिल से माफी मांगते हैं9 Jul 2009, 1136 hrs IST,नवभारतटाइम्स.कॉम


गलत फोटो छपने पर हम दिल से माफी मांगते हैं9 Jul 2009, 1136 hrs IST,नवभारतटाइम्स.कॉम


नई दिल्ली।। जामा मस्जिद के पूर्व शाही इमाम सैयद अब्दुल्ला बुखारी के दु:खद इंतकाल से समाज के लिए नि:स्व
ार्थ भाव से काम करने वाला एक इंसान हमसे छिन गया है। आज हमारे प्रकाशन नवभारत टाइम्स दिल्ली के प्रिंट संस्करण ने अब्दुल्ला बुखारी साहब के निधन की खबर प्रकाशित की है। उसमें भूल से सैयद अब्दुल्ला बुखारी की जगह उनके सम्मानित बेटे और मौजूदा शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी की तस्वीर छप गई है। हम इस भूल के लिए दिल से माफी मांगते हुए अहमद बुखारी साहब के लंबे जीवन की कामना करते हैं। संपादक

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हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...