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लो क सं घ र्ष !: आदित्य बिरला के बाद रतन टाटा की ब्लैकमेलिंग#links#links#links#links

लोकसंघर्ष ब्लॉग का इन्टरनेट कनेक्शन टाटा इंडिकॉम कंपनी का प्लग टू सर्फ़ से चलाया जा रहा था । समय से बिल का भुगतान भी किया जा रहा था । अचानक एक हफ्ते पूर्व बाराबंकी जनपद में समस्त टाटा उपभोक्ताओ के इन्टरनेट कनेक्शन ब्लाक कर दिए है और टाटा के एजेंट उपभोक्ताओ को फ़ोन करके यह कह रहे है की भुगतान किए बिल को पुन : जमा करा दो और कनेक्शन चालू हो जाएगा दुबारा भुगतान किए गए रुपयों का आगे समायोजन कर लिया जाएगा इससे ऐसा प्रतीत होता है की टाटा इंडिकॉम कंपनी दिवालिया हो गई है और जिन उपभोक्ताओ को अपना काम टाटा के मध्यम से करना है तो उसकी अनिवार्यिता देखते हुए टाटा इंडिकॉम कंपनी ब्लैक मेल कर रही है ॥

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केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...