हिन्दुस्तान का दर्द आज आपको बताने जा रहा है उन कलाकारों के बारे में जिनके काम की बदोलत ''जूजू'' ने सभी के दिलों मे जगह बना ली है..तो जानिए इन कलाकारों के बारे में और आपको यह जानकारी कैसी लगी अपनी राय से अबगत जरुर कराएँ
बहुत ही क्यूट, अलग, और मज़ेदार से दिखने वाले जूजू असल में इंसान ही हैं, बस उनको जूजू के कॉस्टयूम पहना दिए गए है। पर ये करना इतना आसान नहीं था, जिस तरह का कॉस्टयूम और एक्ट शूट किए जाने थे उनमे हर मुमकिन कला और रचनात्मकता का प्रयोग किया जाना था। जूजू के पीछे के असल कलाकार कौन है आइये जानते हैं -
प्रार्थना सुनिए विज्ञापन- इस विज्ञापन दो जूजू एक पेड़ से लटके दिखाए गए हैं और नीचे एक खाई है। उनमे से एक गिर जाता है और दूसरा अपना फोन निकलकर एक प्रार्थना सुनाता है जिस से की उस के दोस्त की आत्मा को शांति मिल सके। इस विज्ञापन में हैं ये दो कलाकार-
रोमिंग विज्ञापन- इस में एक जूजू अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए फ़ोन पर उससे बातें करता रहता है चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में हो। इस विज्ञापन में सबसे बड़ी चुनौती थी एफ्फिल टावर और पिरा...
भाई जी देश या विश्व की राजनीति तो ऐसे ही चलती आई है और ऐसे ही चलेगी. हम बहुत बडी-बडी बाते करते है, लिखना एक कला है और इसमे बहुत लोग पारंगत होते हैँ, किंतु जो लिखते हैँ उसे कितने लोग अपने जीवन मैँ उतारते है, यह महत्वपूर्ण है. भाषण देना, ब्लोगिंग करना एक अलग बात है और ईमानदारी, सत्य और देश व समाज को प्राथमिकता देकर अपने व परिवार से जुडे निर्णय करना एक अलग बात है. आलोचना करना जितना सरल है, उतना ही कठिन है अपने आचरण मे उसको ढालना. जिस प्रकार अपने स्वार्थ के लिये ईश्वर का नाम सभी लेते है किंतु वास्तव मे ईश्वर को मानने वाला, जो उस पर पूर्ण विश्वाश करता हो और उसके अनुरूप आचरण भी हो मुझे तो आज तक कोई मिला नहीँ, अतः मेरा विचार है कि हमे आलोचना से बचकर सकारात्मक कुछ करना चाहिये. हम दुनिया को नही बदल सकते, किंतु अपने आप को बदल सकते है किंतु यह ब्लोगिंग की तरह सरल नही है. अतः आओ अपने से शुरूआत करेँ.
ReplyDelete