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राज्यों की पूरी लिस्ट : कौन जीता...कौन हारा

हिन्दुस्तान का दर्द पाठकों के लिए लेकर आया राज्यों की सूची। यहां आपको मिलेगा किस राज्य से कौन पहुंच रहा है दिल्ली तो किसे जनता ने नकार दिया। मध्यप्रदेश से लेकर गुजरात तक की हर सीट पर नजर। जिस राज्य की सही आपको जानकारी...बस क्लिक कीजिए संबंधित राज्य पर। राजस्थान
राजस्थानः जनता ने मिलाया कांग्रेस से हाथ
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ः भगवा लहराया, जूदेव-महंत जीते
मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेशः कमल खिला, सुषमा-सिंधिया जीते
हरियाणा-पंजाब
हरियाणा-पंजाबः भाजपा से सिद्धू तो कांग्रेस से जिंदल जीते
गुजरात
गुजरातः आडवाणी जीते, मगर सीटें गंवाईं
दिल्ली-मुंबईः
दिल्ली-मुंबईः मेट्रोज में कांग्रेस ने मोर्चा मारा

सारांश यहाँ आगे पढ़ें के आगे यहाँ

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केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...