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क्या-क्या देखें बताएगा संग्रहालय

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में क्या-क्या मौजूद है और पर्यटक अपने पास उपलब्ध समय में क्या- क्या देख सकेंगे यह प्लानिंग पर्यटकों के लिए आसान होगी इंटरप्रिटेशन सेंटर के माध्यम से।
सेंटर का निर्माण संग्रहालय के मुख्य द्वार पर कराया जा रहा है। सेंटर प्रारंभ होने के पश्चात पर्यटकों को संग्रहालय घूमने में आसानी होगी। सेंटर में संग्रहालय की विभिन्न वीथिकाओं के मॉडल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सेंटर 2-3 महीने में तैयार हो जाएगा। आने वाले समय में संग्रहालय में और भी कई सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा।
क्या होगा सेंटर में
सेंटर में संग्रहालय में मौजूद सभी स्थलों व वीथिकाओं की जानकारी मौजूद होगी। कौन सी वीथिका कहां है, इसे देखने में कितना समय लगेगा, इसमें क्या खास है, कहां पहले जाना है आदि पर्यटक पहले ही जान सकेंगे। मुख्य द्वार पर बनने वाले इस सेंटर से मिली जानकारी के आधार पर पर्यटक अपने पास उपलब्ध समय के अनुसार तय कर लेंगे कि उन्हें कहां-कहां घूमना है। संग्रहालय से संबंधित सभी मूलभूत जानकारियां इस सेंटर में मिल जाएंगी।
ट्रांसपोर्ट की व्यवस्थासंग्रहालय द्वारा भोपाल आने वाली खास ट्रेनों से भोपाल पहुंचने वालों को संग्रहालय तक लाने के विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके तहत रेलवे स्टेशन पर ही पर्यटकों को संग्रहालय घूमने के लिए टिकट मुहैया कराए जाएंगे। स्टेशन से संग्रहालय तक बस चलाई जाएगी ताकि पर्यटकों को संग्रहालय तक पहुंचने में सुविधा हो।
संग्रहालय में चलेंगे तांगेसंग्रहालय को प्रदूषण से बचाने के लिए यहां मोटर व्हीकल के बजाए तांगे चलाए जाएंगे। पर्यटक आसानी से इन पर सवार होकर संग्रहालय का भ्रमण कर सकेंगे। परिसर में एलसीडी स्क्रीन भी लगाए जाएंगे। स्क्रीन पर पर्यटक संग्रहालय के नजारे देख सकेंगे।
पेंटिंग में होगा बदलावसंग्रहालय की बाउंड्री वॉल पर बनी पेंटिंग में काफी समय से बदलाव नहीं किया गया है। बारिश के मौसम के बाद इन्हें बदलने की तैयारी है। इस पर नई पेंटिंग तैयार की जाएंगी। दीवार पर इस समय आदिवासियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग सजी हुई हैं जो काफी पुरानी पड़ चुकी हैं। इस बार इनमें बदलाव किया जाएगा। यहां राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कलाकारों से नई चित्रकृतियां तैयार कराई जाएंगी।
हमारा उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को संग्रहालय तक लाना है। इसके लिए कुछ नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। यह सभी सुविधाएं आने वाले 2-3 माह में प्रारंभ हो जाएंगी।-विकास भट्ट, निदेशक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय
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