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बीत गए बरसों


आज
कल
परसों
बीत गए बरसों
उनसे मिले हुए
वो अक्‍सर कहते थे
चलेंगे साथ उम्रभर
यूं ही डालकर
इक दूजे के
हाथों में हाथ

Comments

  1. बहुत ही खूबसूरत रचना मोहन जी

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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