Skip to main content

शांति और आनंद के दाता शिव


विनय बिहारी सिंह

एक दिन बाद शिवरात्रि है। माना जाता है कि शिवरात्रि की रात जाग कर शिव जाप करने से वे प्रसन्न होते हैं। प्रसन्न हो कर क्या करेंगे। कहा जाता है- वे जीवन में शांति लाते हैं। हमें तनाव मुक्त करते हैं। शिव जी जिसको प्यार करते हैं, उसे किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं। इसीलिए तो उन्हें औघड़ दानी कहते हैं। वे सिर्फ देना जानते हैं। देना और उद्धार करना। भगवान शिव तुरंत प्रसन्न होने वाले देवता हैं। वे ज्यादातर ध्यान मुद्रा में बैठे रहते हैं। लेकिन समूचे ब्रह्मांड की गतिविधियां उनकी जानकारी में रहती हैं। रामकृष्ण परमहंस ने कहा है कि पुराणों में जिन्हें कृष्ण कहा गया है, तंत्रों में उन्हें ही शिव कहा गया है। वही परमब्रह्म हैं। चाहे कृष्ण कहें या शिव, चाहे काली कहें या दुर्गा। वही सृष्टि करने वाले, उसका पोषण करने वाले और अंत में संहार करने वाले हैं। ऋषियों ने कहा है कि जो पैदा होता है वह खत्म भी होता है। लेकिन जो सनातन है, वह कभी खत्म नहीं होता। ईश्वर के अलावा सब कुछ तो नश्वर है। और शिव जी तो वीतरागी हैं। एक मृगछाला पहने, शरीर में भभूत लगाए और ध्यान में बैठे हैं। न उन्हें अच्छा खाना चाहिए और न कपड़ा। हां, अगर समुद्र मंथन में भयंकर विष निकलता है तो उसे पीने के लिए वे तैयार हो जाते हैं। इसीलिए उनका नाम नीलकंठ है। राजा भगीरथ जब स्वर्ग से गंगा नदी को धरती पर ले आए तो उन्हें चिंता हुई कि आखिर गंगा का वेग रुकेगा कैसे? कहीं पूरी पृथ्वी की आबादी बह न जाए। उन्होंने शंकर भगवान से प्रार्थना की। उन्होंने गंगा के प्रचंड वेग को अपनी जटाऔं में उलझा दिया। वेग शांत हो गया। तब गंगा नदी स्वाभाविक गति से धरती पर बहने लगीं। भगवान शंकर के ही पुत्र हैं गणेश भगवान। वे सिद्धि विनायक हैं। कोई भी काम करने से पहले हम सब कुछ मंगलमय हो, इसके लिए गणेश जी की पूजा करते हैं। इस महाशिवरात्रि में क्यों न हम कुछ देर शांति से बैठ कर भगवान शिव का ध्यान करें और अपना मंगल तो चाहें ही, सबके मंगल की भी कामना करें।

Comments

  1. धामिॆकता से ओत-पोत सुन्दर रचना । यह सच है कि शिव की महिमा का कोई सानी नही है धन्यवाद

    ReplyDelete

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

जूजू के पीछे के रियल चेहरे

हिन्दुस्तान का दर्द आज आपको बताने जा रहा है उन कलाकारों के बारे में जिनके काम की बदोलत ''जूजू'' ने सभी के दिलों मे जगह बना ली है..तो जानिए इन कलाकारों के बारे में और आपको यह जानकारी कैसी लगी अपनी राय से अबगत जरुर कराएँ बहुत ही क्यूट, अलग, और मज़ेदार से दिखने वाले जूजू असल में इंसान ही हैं, बस उनको जूजू के कॉस्टयूम पहना दिए गए है। पर ये करना इतना आसान नहीं था, जिस तरह का कॉस्टयूम और एक्ट शूट किए जाने थे उनमे हर मुमकिन कला और रचनात्मकता का प्रयोग किया जाना था। जूजू के पीछे के असल कलाकार कौन है आइये जानते हैं - प्रार्थना सुनिए विज्ञापन- इस विज्ञापन दो जूजू एक पेड़ से लटके दिखाए गए हैं और नीचे एक खाई है। उनमे से एक गिर जाता है और दूसरा अपना फोन निकलकर एक प्रार्थना सुनाता है जिस से की उस के दोस्त की आत्मा को शांति मिल सके। इस विज्ञापन में हैं ये दो कलाकार- रोमिंग विज्ञापन- इस में एक जूजू अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए फ़ोन पर उससे बातें करता रहता है चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में हो। इस विज्ञापन में सबसे बड़ी चुनौती थी एफ्फिल टावर और पिरा...