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एक लड़की मुझे सताती है

एक लड़की मुझे सताती है
परिच
संजय सेन सागर
जन्म 10 जुलाई 1988 म.प्र सागर
उपलब्धि संजय सेन सागर की कहानी इक अजनबी को ब्राइटनेस पब्लिकेशन ऑफ दिल्ली की तरफ से राइस ऑफ राइटर अवार्ड से
सम्मानित किया जा चुका है।यंग राइटर्स फाउंण्डेशन ऑफ इंडिया गुप्र के मेंबर !
''हिन्दुस्तान का दर्द'' ब्लॉग के संचालक
अंधेरी सी रात में एक खिड़की
डगमगाती है
सच बताऊँ यारों तो, एक लड़की
मुझे सताती है।
भोली भाली सूरत उसकी
मखमलीं सी पलकें है हलकी इस रोशनी में, मुझे
देख शर्माती है
सच बताऊँ यारो तो इक लड़की
मुझे सताती है
बिखरी-बिखरी जुल्फे उसकी शायद घटा बुलाती है, उसके
आंखो के काजल से बारिश
भी हो जाती है
दूर खड़ी वो खिड़की पर
मुझे देख मुस्कुराती है।
सच बताऊँ यारों तो इक लड़की
मुझे सताती है
उसकी पायल की छम-छम से
एक मदहोशी सी छा जाती है
ज्यों की आंख बंद करु मैं
तो, सामने वो जाती है
सच बताऊँ यारों तो
इक लड़की मुझे सताती है!
अंधेरी सी रात में एक
खिड़की डगमगाती है
ज्यों ही आंख खोलता हँू
मैं तो ख्वाब वो बन जाती है
रोज रात को इसी तरह
इक लड़की मुझे सताती है।

Comments

  1. कशिश जी सेटिंग बिल्कुल ख़राब हो चुकी है कृपा कर ध्यान दे !!

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  2. बहुत खूबसूरत सी नज्म है आपकी संजय जी !!
    बहुत बढ़िया !!

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर