Skip to main content

श्री राम सेना की दिल्ली इकाई का एलान ......पुरी दिल्ली में घूमेगी श्री राम सैनिकों की १५ टुकडियां .

श्री राम सेना ने एलान किया है कि "दिनांक १४ फ़रवरी को उनके सैनिको की१५-२० टुकडी पुरे दिल्ली में घूमेगी । पार्कों , रेस्तराओं, इंडिया गेट , कुतुब मीनार , पुराना किला समेत हर उस जगह पर जहाँ प्रेमी युगल के जाने की सबसे अधिक संभावना होती है , श्री राम सेना के राष्ट्र्रक्षक और संस्कृति रक्षक कार्यकर्त्ता मौजूद रहेंगे । पाश्चात्य नग्नता के अनुकरण में लिप्त जोडों के फोटो खींच ऑरकुट पर डालने की योजना है ताकि बगैर मर-पिट के सामाजिक बहिष्कार के डर से ऐसे उत्तर आधुनिक युवा संभल सकें । साथ ही श्री राम सेनाने किसी प्रकार कि छेड़खानी या अश्लील हरकत करने वालों को भी चेतावनी दी है। अगर कोई महिला या लड़की श्री राम सेना के हेल्प लाइन पर संपर्क कर किसी प्रकार की शिकायत करती है तो सेना उस पर उचित और त्वरित कार्यवाही करेगी ।"
ये सारी बातें श्री राम सेना के दिल्ली प्रभारी से बात -चीत के दौरान कही । अब आगे का नाटक देखना है कि मीडिया के सहयोग से क्या -क्या गुल खिलता है !

Comments

  1. बहुत अच्छा लेख....!!!

    ReplyDelete
  2. मेरे खेल से अब राम सेना शिव सेना का काम कर रही है !!
    इससे उसकी छबी ख़राब हो रही है !

    ReplyDelete
  3. राम सेना और शिवसेना मे काफी फर्क है !!एक ही रूप मे न देखा जाये!

    ReplyDelete

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

Popular posts from this blog

हाथी धूल क्यो उडाती है?

केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...