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ज़ंग नासूर है, पर गले लगा सकते है हम !!

हमने हर सम्भव कोशिश की,ज़ंग न हो ! पर पाक ने हर कदम पर ज़ंग को ही जायज बताया! ये ज़ंग नासूर है हिन्दुस्तान और पकिस्तान के लिए पर जब बात यहाँ तक आ गई है तो तुम शान्ति और अमन के लिए इस नासूर से लड़ने के लिए भी तैयार है! तो आओ हिंदुस्तानिओं आज फिर एक हो जाओ, यही मान लो की ये हमारा दूसरा स्वतंत्रता संग्राम है !! हम जंग कर रहे है एक नई स्वतंत्रता के लिए जिसके बाद शयद हुम्हे हर पल नही मरना पड़ेगा !! हम बेकौफ जी सकेंगे !! चाहे इसकी कीमत अब जो भी हो ,इसे हुम्हे चुकाना है! पाक साबधान रहे हम हिन्दुस्तानी आ रहे है !!

जय हिन्दुस्तान ...जय हिन्दुस्तानी

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केहि कारण पान फुलात नही॥? केहि कारण पीपल डोलत पाती॥? केहि कारण गुलर गुप्त फूले ॥? केहि कारण धूल उडावत हाथी॥? मुनि श्राप से पान फुलात नही॥ मुनि वास से पीपल डोलत पाती॥ धन लोभ से गुलर गुप्त फूले ॥ हरी के पग को है ढुधत हाथी..

चेतन आनंद/नेपाल-बवाल

समसामयिक लेख- नेपाल का बवाल भारत के लिए खतरा?                   नेपाल का बवाल भारत के लिए कई स्तरों पर खतरा साबित हो सकता है। यह खतरा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और आंतरिक राजनीति पर भी असर डाल सकता है। भारत और नेपाल की खुली सीमा (लगभग 1,770 किमी) से आतंकवादी, माओवादी या अन्य असामाजिक तत्व आसानी से आवाजाही कर सकते हैं। चीन इस स्थिति का फायदा उठाकर नेपाल के माध्यम से भारत पर दबाव बना सकता है। नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चीन को अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलता है। चीन की बेल्ट एेंड रोड इनिशिएटिव और अन्य परियोजनाओं से नेपाल में उसकी रणनीतिक स्थिति भारत के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा विवाद जैसे लिपुलेख, कालापानी, लिम्पियाधुरा को भड़काकर नेपाल की राजनीति भारत विरोधी हो सकती है। नेपाल में बढ़ती राष्ट्रवादी राजनीति भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते प्रभावित होंगे। भारत-नेपाल के बीच व्यापार और ऊर्जा परियोजनाएँ बाधित हो सकती हैं। नेपाल में अस्थिरता का अस...