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हिंदू संगठनों के नाम पर हंगामा

मालेगाँव धमाके में मस्जिद को निशाना बनाया गया था
महाराष्ट्र के मालेगाँव और गुजरात के मोडासा में हाल में हुए धमाकों में हिंदू संगठनों के कथित रूप से शामिल होने के मुद्दे पर राज्यसभा में गुरुवार को भारी हंगामा हुआ.
राज्यसभा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की वृंदा कारत ने जैसे ही यह मांग उठाई भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए सिमी पर भी इसी तरह की कार्रवाई की मांग शुरू कर दी.
वृंदा कारत ने एक अंग्रेजी अख़बार की एक ख़बर का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू कट्टरपंथी संगठनों का महाराष्ट्र के मालेगाँव और गुजरात के मोडासा धमाकों में हाथ था.
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की आतंकवाद निरोधक शाखा (एटीएस) के अनुसार घटना में बजरंग दल का हाथ था.
हिंदू कट्टरपंथी संगठनों का महाराष्ट्र के मालेगाँव और गुजरात के मोदासा धमाकों में हाथ था.

वृंदा कारत, सीपीएम नेता
वृंदा कारत का कहना था कि चरमपंथ से निपटने के मामले में दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए.
उन्होंने हिन्दूवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए कहा कि किसी समुदाय विशेष पर चरमपंथी होने का आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए.
भाजपा सदस्यों ने उनका कड़ा विरोध करते हुए सिमी पर कार्रवाई की मांग की.
बाद में केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चरमपंथियों का कोई धर्म नहीं होता.
उनका कहना था,'' जो लोग हिंसा में लिप्त हैं, वे अपराधी हैं. अपराधियों को किसी समुदाय के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए.''
हिंदूवादियों पर शक
ग़ौरतलब है कि मीडिया में ऐसी ख़बरें आईं हैं कि मालेगाँव बम धमाकों के सिलसिले में इंदौर के तीन लोग शक के घेरे में हैं और महाराष्ट्र पुलिस हिरासत में लेकर इन लोगों से पूछताछ कर रही है.
बीबीसी संवाददाता फ़ैसल मोहम्मद अली के अनुसार मालेगांव और मोडासा के बम विस्फोटों में इंदौर स्थित हिंदू जागरण मंच कार्यकर्ताओं का हाथ होने के आरोप पर मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस दोनों खामोश हैं.
जबकि मंच के प्रांतीय संयोजक ने इस काम में उनकी संस्था या उनके किसी व्यक्ति का हाथ होने से साफ़ इनकार किया है.
महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार है और केंद्र में भी इसीलिए हिंदूवादी संगठनों को बदनाम करने के लिए ये सारी बातें एक साजिश के तौर पर उड़ाई जा रही हैं.

राधेश्याम यादव, हिंदू जागरण मंच
गुरुवार को एक पत्रकार वार्ता में जब भाजपा नेता अनंत कुमार से इस संबंध में सवाल पूछे गए तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
दूसरी ओर राज्य पुलिस भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है.
ख़बरों के अनुसार मुंबई पुलिस इसी महीने तीन लोगों को इंदौर से पूछताछ के लिए मुंबई ले गई है और ये तीनों इस संगठन से जुडे हुए हैं.
पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि इस मामले में भिंड स्थित एक साध्वी से भी पूछताछ हुई है.
हिंदू जागरण मंच के प्रांत संयोजक राधेश्याम यादव ने बीबीसी से कहा की महाराष्ट्र में कांग्रेस कि सरकार है और केंद्र में भी इसीलिए हिंदूवादी संगठनों को बदनाम करने के लिए ये सारी बातें एक साजिश के तौर पर उड़ाई जा रही हैं.
हालाँकि उन्होंने ये भी कहा कि पूछताछ के लिए ले गए लोगों में से कोई भी उनके संगठन का सदस्य नहीं हैं.
गौरतलब है कि 29 सितंबर को महाराष्ट्र के मालेगाँव में हुए धमाकों पाँच लोगों की मौत हो गई थी.
इसी दिन गुजरात के साबरकांठा ज़िले के मोडासा कस्बे भी बम धमाका हुआ था जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

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