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वेलेंटाइन डे-प्यार या कुछ और वेलेंटाइन डे प्यार का दिन,एक ऐसा दिन जब जिधर देखो प्यार की खुशबू फ़ैल जाती है .दुकानों पर कहीं चोकलेट्स कार्ड्स,कई परफ्यूम ,टेडी बियर सज रहे हैं तो सड़कों पर युवाओं की कतारों की कतारें हैं.लगभग सभी जान चुके हैं कि १४ फरवरी का दिन वेलेंटाइन डे है लेकिन यह क्यों मनाया जाता है इससे शायद कुछ ही लोगों का वास्ता पड़ा होगा किन्तु मैं सबसे पहले इन संत वेलेंटाइन के देश का जिक्र करूंगी और वह भी यूं कि ये रोम के पास एक शहर के थे ,वही रोम जो इटली की राजधानी है और उस देश के इस दिवस को यहाँ के उसी युवा वर्ग ने कितनी खुली मानसिकता से अपना लिया जबकि उसी देश की सोनिया गाँधी को यहाँ अब तक भी विदेशी कहा जाता है जबकि उनका भी तो राजीव गाँधी से प्रेम ही था जिस कारण उन्होंने भारत को और भारत की संस्कृति को अपनाया तो उन्हें स्वीकारने में यहाँ संकीर्ण मानसिकता क्यों अपनाई जाती है?         खैर यहाँ बात हो रही है सेंत वेलेंटाइन की तो जहाँ तक मुझे जानकारी है उन्होंने रोमन शासक क्लाडियस के सैनिकों पर महिलाओं के साथ प्यार जताने और विवाह करने पर प्रतिबन्...

मत रो आरुषि

वेसे ये नई बात नहीं ये तो रोज़ का ही  नज़ारा हैं ! हर किसी अख़बार के  इक  नए  पन्ने मैं ... आरुशी जेसी मासूम का कोई न कोई हत्यारा है ! पर लगता है आरुशी के साथ मिलकर सभी मासूमों ने एक बार फिर से इंसाफ को पुकारा है ! क्या छुपा है इन अपलक निहारती आँखों मैं , ये कीससे गुहार लगाती है ? खुद का इंसाफ ये चाहती है ? या माँ - बाप को बचाना चाहती है ? उसने तो दुनिया देखि भी नहीं , फिर कीससे आस  लगाती है ! जीते जी उसकी किसी ने न सुनी , मरकर अब वो किसको अपना बतलाती है ! गुडिया ये रंग बदलती दुनिया है ! इसमें कोई न अपना है ! तू क्यु इक बार मर कर भी ... एसे मर - मर के जीती है ! यहाँ एहसास के नाम पर कुछ भी नहीं , मतलब की दुनिया बस बसती है ! न कोई अपना न ही पराया है लगता है हाड - मांस की ही बस ये काया है  ! जिसमें  प्यार शब्द का एहसास नहीं ! किसी के सवाल  का कोई  जवाब नहीं ! तू अब भी परेशान सी रहती होगी  ? लगता है  इंसाफ के लिए रूह तडपती होगी ! अरे तेरी दुनिया इससे सुन्दर होगी ? मत रो तू एसे अपनों को ! ...
मनमोहन जी के क्रष्णा ने देश का सर शर्म से नीचा किया Saturday, February 12, 2011 भारत के प्रधानमन्त्री के मंत्रिमंडल में एक मंत्री भी ऐसा नहीं हे जिस पर देश या देश का कोई भी व्यक्ति जाती समाज गर्व कर सके हाँ हर मंत्री ने किसी ना किसी रूप में देश का सर शर्म से नीचा जरुर किया हे देश को अपमानित और बे इज्जत किया हे और देश को भ्रस्ताचार,बेकारी,गरीबी,महंगाई की आग में झोंक दिया हे और नतीजे सामने हें , इन सब के बावजूद भी मनमोहन सोनिया के रत्न हे तो मनमोहन के यह सभी मंत्री रत्न बने हुए हें । दोस्तों अब तो देश का सर विदेश मंत्री एस एम कृष्णा जी ने शर्म से नीचा कर दिया जिस कृष्ण जी को संयुक्त राष्ट्र संघ में पूरी तय्यारी के साथ करोड़ों रूपये खर्च करके इसलियें भेजा गया था के वोह भारत की संयुक्त राष्ट्र की दावेदारी को दमदारी से रखेंगे लेकिन रिमोट से चलने वाले मंत्री हमेशा दूसरों का लिखा भाषण पढने वाली पार्टी की संस्क्रती को जिंदा रखने वाले यह मंत्री जी ने भी कोंग्रेस में दूसरों के भाषण को पढने की परम्परा को जिंदा रखा और संयुक्त राष्ट्र संघ में एक स्क्रिप्ट लेकर भाषण देने खड़े हो ...

अभिज्ञात: सोने की आरामकुर्सी वाला आदमी

अभिज्ञात: सोने की आरामकुर्सी वाला आदमी : "कहानी साभारःवर्तमान साहित्य, फरवरी 2011 रोज़ की तरह सुरेश आठ घंटे की क्लर्की की ड्यूटी बजाने के बाद घर लौटा था। वह एक निज़ी जूट मिल में कार्..."
साहित्यकार शम्शेर बहादुर सिंह को कोटा के साहिय्कारों ने याद किया Saturday, February 12, 2011 देश के प्रख्यात साहित्यकार शमशेर बहादुर सिंह को आज यहाँ भारतेंदु समिति कोटा में उनकी स्म्रति में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित कर याद किया , भारतेंदु समिति भवन में आयोजित इस कार्यक्रम को कोटा की विकल्प साहित्यिक संस्था और राजस्थान हिंदी साहित्य एकेडमी उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में शुरू किया गया । तीसरा खम्भा और अनवरत के संस्थापक ब्लोगर किंग भाई दिनेश राय द्विवेदी भारत होटल से महमानों को कार्यक्रम स्थल पर लेकर पहुंचे और कार्यक्रम की शुरुआत की गयी भाई अम्बिका दत्त जी ने कार्यक्रम का अस्न्चालं शुरू किया महमानों को मंच पर बेठा कर कार्यक्रम की शुरुआत की गयी दीप के स्थान पर मशाल दीप प्रजलित किया गया और कार्यक्रम के शुभारम्भ के पहले भाई शरद तेलंग की मधुर आवाज़ में कोटा के ठाडा राही के गीत को सुना कर माहोल को जमाया गया शरद जी की मधुर आवाज़ ने सच वातावरण खुबसुरत और संगीतमय बना दिया । कार्यक्रम के प्रारम्भ में जनाब महेंद्र नेह ने दर्द भरे अंदाज़ में बताया के इस कार्यक्रम की प्रस्तावना...
वक्त करता जो वफा .... .. . Saturday, February 12, 2011 दोस्तों एक गीत हे ;वक्त करता जो वफा तो आप हमारे होते ,, वक्त से हम और आप कोन जाने कब बदले वक्त का मिजाज़ , कहते हें वक्त सिकन्दर होता हे , वक्त हमेशां एक जेसा नहीं रहता , कोन जाने कब किस का वक्त बदल जाये , कहते हें जिसने वक्त की ना की कद्र उसकी वक्त ने नहीं की कद्र इन सब कहावतों के बीच देश वक्त के भंवर में फंसा हे और वक्त का य्हना हर हिन्दुस्तानी मजाक उढ़ा रहा हे । दोस्तों आज कोटा भारतेंदु समिति में एक कार्यक्रम शमशेर जी की स्मरति में १-३० बजे दिन में शुरू होना था मुझे भाई दिनेश जी द्विवेदी ब्लोगर किंग ने कहा आप को भी आना हे में इस कार्यक्रम में वक्त के हिसाब से १-२५ बजे जा पहुंचा घर के कई कामकाज शिड्यूल में थे लेकिन सब स्थगित कर दिए और वक्त से थोडा पहले भरतेंदु समिति पहुंचा वहां केवल अम्बिका दत्त जी थे और माइक वाला माइक लगा रहा था मेने घड़ी देखी इस हाल को देख कर में समझा शायद कार्यक्रम पहले ही हो चुका हे और सब लोग जा चुके हे माइक खोला जा रहा हे लेकिन पूछने पर पता चला के माइक खोला नहीं लगाया जा रहा हे टाइम नि...
कोंग्रेस जी अब हामिद अंसारी जी को हटा दो Saturday, February 12, 2011 महामहिम राष्ट्रपति जी ने इंदिरा जी की बुरे वक्त में भी सेवा की थी और उनकी पहुंच किचन तक थी यह सच बोलने पर राजस्थान सरकार ने राजस्थान सरकार के मंत्री अमीन खाना को हटा दिया हे लेकिन अब उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने तो देश में बच्चियों के पैदा होते ही मार देने का कहकर बवाल खड़ा कर दिया हे ऐसे में तो अब उपराष्ट्रप्ति को भी पद से हटाना जरूरी हो गया हे । कल एक कार्यक्रम के दोरान उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी जी की पत्नी श्रीमती सलमा अंसारी से जब पत्रकारों ने देश में महिलाओं की स्थिति और उन पर हो रही ज्यादतियों के बारे में बताते हुए इससे बचने के उपाय पूंछे तो सलमा अंसारी ने साफ़ शब्दों में कहा के अगर इस देश में महिलाओं की ऐसी स्थिति हे तो यहाँ लडकियों के पैदा होते ही उनकी हत्या कर देना चाहिए यह बात देनिक नवज्योति सहित सभी प्रमुख अख़बारों में छपी हे अब उच्च पद पर असीं व्यक्ति की पत्नी अगर देश के हाल पर ओरतों का इस तरह से अपमान कर गेर कानूनी रूप से लडकियों की पैदा होते ही हत्या करने की सलाह दे तो यह देश की सभी...