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आरक्षण मामले में राजस्थान सरकार को हाईकोर्ट की सलाह बात गुर्जर आरक्षण मामले से शुरू हुई थी लेकिन मामला जब हाईकोर्ट तक पहुंचा तो फिर यह बात केवल गुर्जर आरक्षण की नहीं रही एक संविधान और एक देश के कानून के साथ देश की जनता के हालातों की बात बन गयी , सरकार द्वारा केवल बेवकूफ या फ़िल्मी डाइलोग में कहें के मामू बनाने के लियें गुर्जरों को आरक्षण का कानून बनाया था जिसे हाईकोर्ट ने पहली फुर्सत में बिना पढ़े लिखे लोगों द्वारा बनाया कानू मन कर किनारे पर रख दिया , हाईकोर्ट ने अपने आदेश में राजस्थान सरकार की महत्वपूर्ण विफलताओं की तरफ इशारा किया हे और आरक्षण की नई परिभाषा प्रदर्शित की हे हाई कोर्ट का सीधा सीधा निर्देश हे के बार बार एक हो व्यक्ति को आरक्षण बंद करों और राज्य में सर्वे कराओं के किस जाती के किन लोगों की पिछड़ी स्थित के कारण उन्हें आरक्षण की जरूरत हे हाईकोर्ट ने कहा के जो लोग आरक्षण का लाभ लेकर आज उच्च वर्गीय धनाड्य स्टेट्स वाले बन गये हें आखिर उन्हें आरक्षण की जरूरत क्यूँ हे और उन्हें आरक्षण क्यूँ दिया जा रहा हे , बात साफ हे हमारे देश के संविधान के निर्माण के वक्त ...

मई बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया

यही तो हमारे भारत की भ्रष्टाचार की कहानी है॥ लोग रूपए कमाने के चक्कर में क्या कया काम करते कोई कपड़ा उतार देता है , तो कोई कपडे को उठा देता है॥ को शिर्फ़ कमाई के लिए काम करते है,। हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए ... हमने तो रोज़ पढ़ना पड़ता है और देखना पड़ता की कौन क्या कर रहा है ॥ आज का युग ही ऐसे हो गया है॥ हमने भी सूना था अपने दादी और नानी के मुख से की जब कलयुग आयेगा तो॥ लोग किसी को पहचाने गे नहीं सिर्फ लोग अपना उल्लू सीधा करेगे केवल अपने काम के लिए...
आज राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर बधाई दोस्तों आज राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस हे आज के दिन देश के सभी उपभोक्ताओं को बधाई खुदा,भगवान ,इश्वर से एक ही दुआ हे के इश्वर मिलावट खोरों , मुनाफाखोरों , नकली सामान बेचने वालों , ठगों , कम तोलने और अधिक कीमतें वसूलने वालों से देश की जनता और देश के उपभोक्ताओं को बचाए और केंद्र राज्य सरकारें इसके लियें सभी दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही कर मूल्यों का नियन्त्रण करे गुणवत्ता वाला सामान बाज़ार में बिके इस को सुनिश्चित करे एक बार फिर यह सब दुआएं पूरी हों इसी कामना के साथ अप सभी को राष्ट्रिय उपभोक्ता दिवस पर हार्दिक बधाई , मुबारकबाद । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ऍन डी तिवारी और डी ऍन ऐ टेस्ट कोंग्रेस के कभी वरिष्ठ नेता रहे नारायण दत्त तिवारी इन दिनों अपने पूर्व प्रेम जाल के कारण परेशान हें वी तो उनके खिलाफ खुद उनकी पार्टी के ही लोग लगे हें क्योंके वोह कुछ साला पहेल सोनिया गाँधी को विदेशी कहकर कोंग्रेस से अलग हो गये थे और तिवारी कोंग्रेस का गठन किया था फिर वोह माफ़ी मांग कर वापस कोंग्रेस में आ गये और कोंग्रेस ने तिवारी को राज्यपा के ओहदे से नवाज़ा बस वहीं से तिवारी का बुरा वक्त शुरू हुआ , तिवारी के एक कथित बेटे रोहित ने दावा किया हे के ऍन डी तिवारी उनके पिता हे और रोहित की मां उज्ज्वल जो कोंग्रेसी कार्यकर्ता थीं उनसे इनके ताल्लुकात थे , अब रोहित ने हाईकोर्ट में इसे सही साबित करने के लियें तिवारी के डी ऍन ऐ टेस्ट की दरख्वास्त लगाई जो मंजूर भी कर ली गयी , हाईकोर्ट ने तिवारी को डी ऍन ऐ टेस्ट के आदेश दिए हें वेसे पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ऐसे टेस्ट जो किसी व्यक्ति की स्वतन्त्रता का हनन करते हों उसके लियें इंकार कर चुका हे लेकिन हाईकोर्ट का आदेश हे इसलियें मानना तो होगा ही या फिर सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश की अपील करना होगी सच क...
बुढापे में चढ़ी जवानी दोस्तों कहते हें के ऊमर के किसी भी पढाव पर जिस्म चाहे बुढा हो जाए लेकिन दिल हे के हमेशां जवान ही रहता हे और प्यार , दिल्लगी की कोई ऊमर नहीं होती हे ऐसा ही एक सच कोटा में देखने को मिला ८५ साल के मदनमोहन शर्मा कोटा पाटनपोल सतही मथुराधीश के मन्दिर पर दर्शन के लियें जाते थे वहां उनकी मुलाक़ात एक ६५ साल की महिला से हो गयी दोनों की रोज़ बातचीत ने दोनों का अकेला पन दूर किया और एक दुसरे को एक दुसरे के इतना नजदीक कर दिया के दोनों ने इस ऊमर के पढाव पर एक दूजे के लियें एक दूजे के साथ रहने की कसमें खा लीं , मदनमोहन जी कहने को तो ८५ सक जे हें लेकिन पुलिस के सेवानिव्र्ट अधिकारी हे इसलियें उन्होंने अपनी प्रेमिका का हाथ थमा और क्लेत्रेट ले जाकर विशेष विवाह अधिनियम के प्रावधानों के तहत विवाह रचने का आवेदन पेश किया अब जब मिडिया को पता चला तो वोह कहाँ चुप होने वाला था पहुंच गया उनकी निजी जिंदगी में दखल देने के लियें किसी ने कहा के प्यार मोहब्बत से इसका कोई सम्बन्ध नहीं महिला को सेवानिव्रत्त पुलिस अधिकारी की पेंशन दिलवाने के लियें यह प्रपंच रचा गया हे लेकिन माम...
कोटा के वकीलों के साथ सरकार का एक और धोखा कोटा के आंदोलनरत वकीलों की आपसी फुट के चलते सरकार के होसले बुलं हो गये हें और सरकार ने कोटा में आज २४ दिसम्बर राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर खोली जाने वाली राज्य उपभोक्ता फ़ोरम की सर्किट बेंच का कार्यक्रम रद्द कर दिया हे वकील इससे और भडक गये हें । कोटा के वकील पिछले कई वर्षों से आन्दोलन कर रहे हें और इस आन्दोलन में वरदा के दोरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने २७ नोव्म्बर २००९ को कोटा में राजस्व मंडल की डबल बेंच स्थापित करने , कोटा के वकीलों को प्लाट देने , कोटा में उपभोक्ता फ़ोरम की सर्किट बेंच स्थापित करने का वायदा किया था किन्तु एक वर्ष का समय गुजरने पर भी जब मुख्यमंत्री ने वायदा पूरा नहीं किया तो वकील सडकों पर आ गये वकीलों की उग्रता देख कर सरकार ने आनन फानन में कोटा में राज्य उपभोक्ता सर्किट बेंच खोलने के निर्देश जारी किये और खुद सरकार के प्रवक्ता ने मिडिया से सम्पर्क कर बयान जारी किये के २४ दिसम्बर को कोटा में हर हाल में बेंच खोलने की घोषणा की गयी लेकिन पिछले दिनों कोटा के वकीलों में सरकार कोंग्रेस और भाजपा के नाम प...

घोटालों से हम क्या सीखें?

''आज प्रीतिश नंदी जी का यह लेख भास्कर के माध्यम से पढने  को मिला इस लेख ने मुझे काफी प्रभावित किया,वैसे तो अधिकतर पाठकों की नजर से यह बचा नहीं होगा,लेकिन उस पाठकों के लिए हम इसे यहाँ लेकर आ रहे है जो इसे नहीं पढ़ पायें,आप इस विषय पर चिंतन करें, मनन करें  उसके बाद  अपनी राय को कमेंट्स के माध्यम से हम तक पहुंचाएं ''   संभव है कि आप बहुत मेधावी व्यक्ति हों, लेकिन भारत में उद्यमशीलता की डगर इतनी आसान नहीं। जब लाइसेंसों व परमिटों का बंटवारा होगा, तो सत्ता के साझेदार और उनके संगी-साथी सब कुछ हड़प लेंगे। मीडिया भी उनका गुणगान करेगा कि भ्रष्टाचार की दलदल के बावजूद उन्होंने अपनी नैया किनारे लगा दी। कामयाबी का एक सूत्र यह भी है कि किसी नामी-गिरामी के पिछलग्गू बन जाओ। हाल के दिनों में कई लोगों ने मुझसे यह सवाल पूछा है कि टेलीकॉम घोटाले से हमें क्या सबक मिलता है? ये रहा मेरा फौरी जवाब। मुमकिन है यह एक बौड़म-सा सबक हो। शायद.. आज राजनीति में भले और नेक लोग बहुत ज्यादा नहीं रह गए हैं। बहुतेरे राजनेता लूटने-खसोटने वाले हैं। कुछ ऐसे भी हैं, जो तमाशबीन बने खड़े रहते हैं, लेकिन भ्...